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यदि आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना चाहती हैं लेकिन आपके शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दूध की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आपूरà¥à¤¤à¤¿ नहीं हो रही है, तो आपको कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤? कà¥à¤¯à¤¾ आपको अपने बचà¥à¤šà¥‡ की à¤à¥‚ख को शांत करने के अनà¥à¤¯ तरीकों की तलाश करनी चाहिठया आपको अपने दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने के उपायों को खोजना चाहिà¤? वैसे, यह à¤à¤• सरà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¤¿à¤¤ तथà¥à¤¯ है कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ न केवल शिशॠके लिठअचà¥à¤›à¤¾ होता है, बलà¥à¤•ि यह माठके लिठà¤à¥€ बहà¥à¤¤ फायदेमंद रहता है। इसलिà¤, हमारी राय है कि आप अपने दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने के लिठअलग-अलग पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तरीकों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। यदि आप इसके बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानना चाहती हैं, तो यह लेख फायदेमंद साबित हो सकता है। यहाठहमने विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचारों के बारे में बताया है जिनके उपयोग से आप अपने दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ को बढ़ाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर सकती हैं।
माठके शरीर में दूध के कम उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ के सामानà¥à¤¯ कारण कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माठके शरीर में दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कम होने के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारण हो सकते हैं।
यदि आपके सà¥à¤¤à¤¨ की सरà¥à¤œà¤°à¥€ हà¥à¤ˆ है या आप कोई à¤à¤¸à¥€ दवा ले रही हैं जो दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ को बाधित करती है।
यदि आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को अकà¥à¤¸à¤° या नियमित रूप से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं कराती हैं।
यदि आपने अपने बचà¥à¤šà¥‡ को देर से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना शà¥à¤°à¥‚ किया है।
यदि आप मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, मोटापे जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से पीड़ित हैं।
यदि आपका शिशॠसमय से पहले या अपरिपकà¥à¤µ जनà¥à¤®à¤¾ था।
इन सà¤à¥€ कारणों से कà¤à¥€-कà¤à¥€ माठके शरीर में बचà¥à¤šà¥‡ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है।
माठके दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठजड़ी-बूटियां
शरीर में दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठआप निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित जड़ी-बूटियों को चà¥à¤¨ सकती हैं:
1. सौंफ
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माताओं में दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने के लिठसौंफ बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है। यह शरीर में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के सà¥à¤¤à¤° को बà¥à¤¾à¤¤à¥€ है और à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ है जो दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बढ़ाने में à¤à¥€ मदद करता है।
पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— का तरीका
आप सौंफ को कà¥à¤› मिनटों के लिठगरà¥à¤® पानी में डालकर इसकी चाय बना सकती हैं। आप मिठास के लिठशहद मिला सकती हैं। आप इस चाय को दिन में दो बार ले सकती हैं। यदि आपको चाय पीना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसंद नहीं हैं, तो आप दिन à¤à¤° में कई बार à¤à¤•-à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š सौंफ चबा सकती हैं।
2. टोरबगà¥à¤¨ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के लिठयह बेहद लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• जड़ी बूटी है। इंडोनेशिया की बटाक जाति के लोग मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से टोरबगà¥à¤¨ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का अपने वà¥à¤¯à¤‚जनों में उपयोग करते हैं, लेकिन इसके अलावा सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माताओं के शरीर में दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठà¤à¥€ इनका सदियों से उपयोग किया जाता रहा है।
पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— का तरीका
आप किसी à¤à¥€ रूप में इन चमतà¥à¤•ारी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उपयोग कर सकती हैं। आप इनसे चाय या सूप बना सकती हैं अथवा किसी à¤à¥€ पकवान में ये पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं और नियमित रूप से सेवन कर सकती हैं।
3. मेथी के बीज
दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बढ़ाने के लिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माताओं के लिठमेथी के बीज सबसे अचà¥à¤›à¥€ जड़ी बूटियों में से à¤à¤• हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये शरीर में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ाते हैं। इन बीजों में गैलेकà¥à¤Ÿà¤¾à¤—ॉग नामक दवा होती है, जो माठके दूध को बढ़ाने में पà¥à¤°à¤¬à¤² रूप से मददगार होती है।
मेथी के बीज
पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— का तरीका
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š मेथी के बीज लें और पानी में उबाल लें। सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बढ़ाने के लिठआप इसमें à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद मिला सकती हैं। इस पेय को दिन में कम से कम 2 से 3 बार पिà¤à¤‚।
4. मिलà¥à¤• थीसà¥à¤²
यह जड़ी बूटी शरीर से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को हटाने के लिठअचà¥à¤›à¥€ होती है और लिवर के लिठà¤à¤• बेहतरीन टॉनिक के रूप में काम करती है। इसके अलावा, इस फूल वाले पौधे में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¤¿à¤• गà¥à¤£ होते हैं और इस पà¥à¤°à¤•ार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में मदद होती है।
पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— का तरीका
आप कैपà¥à¤¸à¥‚ल के रूप में मिलà¥à¤• थीसà¥à¤² ले सकती हैं। à¤à¤• दिन में 2 से 3 कैपà¥à¤¸à¥‚ल लें।
5. शतावरी
महिलाओं में कम दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने के लिठअनेक वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से इस आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• जड़ी बूटी का उपयोग किया जाता रहा है यह औषधि à¤à¤¸à¥‡ ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र है जो शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² संतà¥à¤²à¤¨ को नियमित करने और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बनाठरखने में मदद करते हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार यह दूध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में सहायता करती है।
पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— का तरीका
आप इस जड़ी बूटी को पानी में मिलाकर ले सकती हैं, या शतावरी हरà¥à¤¬à¤² सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट à¤à¥€ खरीद सकती हैं।
6. दालचीनी
दालचीनी à¤à¤• सà¥à¤—ंधित जड़ी बूटी है जो कई वà¥à¤¯à¤‚जनों के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को बà¥à¤¾à¤¤à¥€ है। हालांकि, लंबे समय से दूध की अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आपूरà¥à¤¤à¤¿ से पीड़ित कई माताà¤à¤‚ अपने दूध के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को बढ़ाने के लिठइस जड़ी बूटी का उपयोग करती रही हैं। यह à¤à¥€ कहा जाता है कि यह दूध के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को à¤à¥€ बà¥à¤¾à¤¤à¥€ है।
पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— का तरीका
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माà¤à¤‚ दालचीनी के चूरà¥à¤£ को शहद के साथ गरà¥à¤® पानी में मिलाकर या दूध में डालकर सेवन कर सकती हैं। अपने दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ में वृदà¥à¤§à¤¿ के लिठआप à¤à¤• या दो महीने तक दालचीनी का सेवन करके देखें।
7. जीरा
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में जीरा वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• रूप से उपयोग किया जाता है, और इस सà¥à¤—ंधित हरà¥à¤¬ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माताओं में दूध के कम उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ का इलाज करने के लिठà¤à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ उपाय à¤à¥€ माना जाता है। दूध की कम आपूरà¥à¤¤à¤¿ से निपटने के अलावा जीरे में आयरन पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में होता है, जो à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माठको अतà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¶à¥à¤¯à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ देने में सहायक होता है।
पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— का तरीका
आप à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š जीरा थोड़ी चीनी के साथ मिला सकती हैं और रात को सोने से पहले गरà¥à¤® दूध के साथ इसका सेवन कर सकती हैं।
8. लहसà¥à¤¨
लहसà¥à¤¨ माठके शरीर से दूध के सà¥à¤°à¤¾à¤µ को बढ़ाने में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ रूप से फायदेमंद है। यह à¤à¥€ कहा जाता है कि यदि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माठनियमित रूप से इसका सेवन करे तो लहसà¥à¤¨ दूध का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ à¤à¥€ बढ़ाता है।
पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— का तरीका
लहसà¥à¤¨ का उपयोग आप दैनिक रूप से खाना पकाने में कर सकती हैं।
9. गोटà¥à¤¸ रॠ(फà¥à¤°à¥‡à¤‚च लाइलैक)
यह जड़ी-बूटी मेथी के समान पौधे समूह की है। इस जड़ी बूटी से सà¥à¤¤à¤¨ के ऊतकों की मरमà¥à¤®à¤¤ करने और दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ में सहायता मिलती है। हालांकि, इस जड़ी-बूटी का सूखा रूप ही फायदेमंद है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हरे या ताजे रूप में यह आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकती है।
पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— का तरीका
इस जड़ी बूटी का उपयोग कैपà¥à¤¸à¥‚ल के रूप में किया जा सकता है।
10. अदरक
विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ खादà¥à¤¯ और पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के अलावा, अदरक का उपयोग अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦ लाà¤à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥€ किया जाता है। इस जड़ी-बूटी के सेवन से आपके शरीर में दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ में अचà¥à¤›à¥€ वृदà¥à¤§à¤¿ होती है।
पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— का तरीका
आप अदरक का उपयोग अपनी नियमित चाय या अपने à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में मसाले के रूप में कर सकती हैं।
11. चकà¥à¤°à¤«à¥‚ल
आप अपने दूध के कम उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ से निपटने के लिठइस सà¥à¤—ंधित जड़ी बूटी का उपयोग कर सकती हैं। चकà¥à¤°à¤«à¥‚ल में न केवल à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¤¿à¤• गà¥à¤£ होते हैं, बलà¥à¤•ि यह अवरà¥à¤¦à¥à¤§ दूध नलिकाओं को खोल कर आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने में à¤à¥€ सहायक है।
मोटी सौंफ
पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— का तरीका
आप गरà¥à¤® पानी में थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में चकà¥à¤°à¤«à¥‚ल डालकर चाय बना सकती हैं। सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के लिठचीनी या शहद मिलाà¤à¤‚। आप सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रूप से à¤à¤• दिन में 2 से 3 कप चाय का सेवन कर सकती हैं।
दूध बढ़ाने वाली जड़ी-बूटियों का उपयोग करने से पहले की सावधानियां
हालांकि वैसे तो आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• जड़ी-बूटियों का उपयोग करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है, लेकिन कà¥à¤› महिलाओं को इनमें से कà¥à¤› विशेष बूटियों से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है। इसलिठआपको कम दूध की समसà¥à¤¯à¤¾ को ठीक करने के लिठकिसी à¤à¥€ हरà¥à¤¬à¤² उपचार का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने से पहले सावधानी बरतनी होगी।
अपने नियमित आहार में किसी à¤à¥€ जड़ी-बूटी को शामिल करने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करें।
यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड का ही हरà¥à¤¬à¤² सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लें।
कà¤à¥€-कà¤à¥€ कोई जड़ी-बूटी विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ का कारण बन सकती है, इसे लेने से पहले अपने दूध बढ़ाने के उपाय बताने वाले सलाहकार या डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
यदि आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ के बिना जड़ी-बूटियां लेने से घातक जटिलताà¤à¤‚ हो सकती हैं।
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